आर्थिक विकासमें भारत कौनसे मुकाम पर खड़ा हैं ? /रिपोर्ट स्पर्श देसाई
मुंबई, रिपोर्ट स्पर्श देसाई,
" चीनी मीडिया जीएसटी को इस दिशा में एक बड़ा गेमचेंजर कदम मानती है, क्योंकि जीएसटी के बाद भारत में निवेश के खिलाफ सबसे बड़ा तर्क खत्म हो गया है । इससे पहले दुनिया की कंपनियां भारत की टैक्स व्यवस्था को उलझाऊ मानती थीं और उन्हें लगता था कि वहां काम करना मुश्किल होगा । इसी तरह बैंक सुधार को भी बड़ा कारण माना जा रहा है ।
अगर भारत के बैंकों की हालत 2016 से पहले की स्थिति में होती, तो यह संभव नहीं था ।
पिछले 2-3 साल में बैंकों की स्थिति में भारी सुधार हुआ है और डूबे हुए पैसों (एनपीए) की तेजी के साथ वापसी शुरू हुई है । यह बदलती परिस्थितियों एक शुभ संकेत है, ज्वेलरी क्षेत्र इन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है l हमारे पास चीन के मुकाबले अपेक्षाकृत हाथ से बनी ज्वेलरी निर्माण करने वाले कुशल स्वर्णकार की बहुतायत है और यह अपेक्षाकृत सस्ती हैl जरूरत उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय की पहल कदमी पर निर्भर है l अगर भारत विश्व का ज्वेलरी हब बनता है तो यह हमारे क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगीl इसके लिए ना केवल राउंड ट्रिपिंग और विलफुल डिफॉल्टरिंग के खिलाफ कदम उठाने होंगे और क्षेत्र को प्रदान की जाने वाली वित्त सहायता नीति को बिल्कुल बदलाव करना होगा, बहुत बड़े ज्वेलरी क्षेत्र में हर एक को अपनी भूमिका के लिए तैयार करने के लिए उचित सहायता चाहे वित्तीय ,तकनीकी और मार्केट उपलब्धता हो -सर्वजन को मुहैया करवा कर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है l श्रीमान राकेश कुमार
चेयरमैन
-इंडिया ज्वेलर्स फोरम आईजेएफ ने ऐसा बताया था ।
●रिपोर्ट स्पर्श देसाई√● Gold Dust News Channel● के लिए...
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