GST की वजह से ज्वेलरी कारीगरों काम नहीं मिल रहा / रिपोर्ट स्पर्श देसाई


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मुंबई, / रिपोर्ट स्पर्श देसाई



जीएसटी लागू होने के दिन से  ज्वेलर्स मांग उठा रहे हैं कि जोब वर्क पर से जीएसटी हट जाएं। ज्वेलरी  ईंडस्ट्री को ज्ञात हो कि पहले ज्वेलरी जॉब वर्क पर भी 18 प्रश की  जीएसटी लागू कर दी गई थी । ज्वेलर्सो के जोरदार विरोध के चलते इस को कम करके 5% कर दी गई फिर भी इस जॉब वर्क पर जीएसटी के भोज के चलते छोटे-छोटे दुकानदारों को बड़े व्यापारी काम नहीं दे रहे हैं । इससे ज्वेलरी कॉटेज इंडस्ट्री ढांचा बर्बाद होने की नौबत आ गई है । बड़े-बड़े व्यापारी इस टैक्स बचने के लिए अपनी फैक्ट्रियां लगा रहे हैं । जिसमें स्वर्णकारोंका भविष्य केवल बॉन्डेड लेबर बन कर रह जाएगा । ऐसी संभावना हैं ।
देश के ज्वेलरी सेक्टर के संगठन ज्वेलर्स लोग इस मांग के प्रति ज्यादा देर असंवेदनशील नहीं रह सकते हैं । अगर इनबिल्ट मैन्यूफैक्चरिंग के चलते इंडस्ट्री का आधारचक्र गया तो भारत की ज्वेलरी इंडस्ट्री को पूछने वाला सरकार में एक भी आदमी नहीं होगा 
। कोई भी सरकार ज्वेलरी इंडस्ट्री पर ध्यान
 इसीलिए देती है कि यह ज्वेलरी इंडस्ट्री व्यापक तौर पर कॉटेज इंडस्ट्री के चलते स्वता रोजगारओं का निर्माण कर रही हैं । 
सरकार को जीएसटी जॉब वर्क से कोई लाभ नहीं है, सिर्फ स्वर्णकार कारीगर भाई ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम रिटेल ज्वेलर्स और प्रिंसिपल मैन्यूफैक्चरर इससे परेशान है । 
आईजी जीएसटी जॉब वर्क को खत्म करवाने की अपनी जद्दोजहद जारी रखेगी ।
  राकेश कुमार IJF ने इस तरह अपनी बात रखी थी ।

•रिपोर्ट स्पर्श देसाई •√ Gold Dust News Channel• के लिए...


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