इस साल की पहली छमाही के जून महीने में सोने की मांग 14 प्रश बढ़ी मगर दूसरी छमाही में यह मांग गिरने की संभावना:GFMS /रिपोर्ट स्पर्श देसाई


मुंबई,/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
लंदन की सोना-चांदी का विश्र्लेषण करने वाली जी एस एम एस ने इस साल के गोल्ड़ सर्वे रिव्यू एंड आउट लूक रिपोर्ट में यह बताया हैं कि इस साल की पहली छमाही में जून महीने में ज्वेलरी की मांग 14 प्रश सालाना धोरण से बढ़ी थी । यह मांग शादियों की मौसम और अक्षय तृतीया जैसे त्यौहार के मद्देनजर बढ़ी थी ।
जून की तिमाही में  सोने की ज्वेलरी की मांग 16 प्रश वृद्धि पाकर 168 टन हुई थी,जबकी निवेश लक्षी मांग 10 प्रश बढ़कर 44 टन तक होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई हैं ।
जून महीने में सोने के खरीदारों ने सोने में दाम में वृद्धि की संभावना को देखते हुए पहले से ही खरीदारी करली थी और अपने शुभ प्रसंगो शोभायमान किया था ।
इस साल की पहली छमाही साल 2015 की पहली छमाही के बाद उत्कृष्ट रहा था ।
सूचित वक़्त के दौरान कूल मांग 371 टन की रही थी । जिसके तहत ज्वेलरी की 289 टन और निवेश लक्षी मांग 82 टन रही थी ।
अनघिकृत सोने की आयात इस साल के तिसरे महीने मार्च की तिमाही में गौरतलब तरीके से गिरकर सिर्फ 15 टन की रही थी । उसी तरह जून महीने की तिमाही में सिर्फ 20 प्रश यह मांग रही थी ।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा रिपोर्ट में आगे यह बताया गया हैं कि सोने की निर्यात में सूधार आने से निर्यात हेतु ज्यादा सोने की आयात हो रही हैं ।
 इसके मद्देनजर सर्वे में यह अनुमान लगाया गया हैं कि राउंड ट्रिपींग चालुं रहेगा और उनका प्रवाह बढ़ता रहेगा और जब निर्यात हेतु सोना आयात किया जाता हैं तब सोने में कुछ बदलाव लाया जाता हैं ,उसी प्रक्रिया को राउंड ट्रिपींग कहा जाता हैं ।
इस साल की दूसरी तिमाही में पूराने आभूषणों की बिक्री की सप्लाई बढ़ी थी । दामों के मद्देनजर अभी के दाम मई महीने की तूलना में करीब 8 प्रश ज्यादा हैं ।
रिपोर्ट में आगे बताया गया हैं कि मोन्सून के मद्देनजर सोने में दाम वृद्धि हो सकती हैं ।
सर्वे के मुताबिक उनके विशेषज्ञों के अनुसार इस साल की दूसरी छमाही में जूलाई से दिसंबर तक ज्वेलरी और निवेश लक्षी मांग क्रमशः 330 और 89 टन रहने का अनुमान हैं साथ में दोनों क्षेत्रों में कमजोर आंकड़े होंगे ।
उसी अनुमान के तहत ज्वेलरी की मांग 8 प्रश और रिटेइलर निवेश लक्षी मांग में 12 प्रश की गिरावट देखी जा सकती हैं ।
सर्वे के मुताबिक सोने में तेजी रहेगी, इस साल सोने में दाम प्रति औंस 1350 रहने का अनुमान हैं । साथ में यह भी अनुमान हैं कि इस साल में सोने में दाम 1500 डोलर से आगे जा सकते हैं । 
इन संभावनाओं का सारा दारोमदार संसार के वित्त तंत्र और प्रमुख सैन्ट्रल बैंकों के ज़रिए लिए जाने वाले निर्णयों पर आधारित हैं ।
अगर अमरीकी फैड़रल रिजर्व जूलाई की बैठक में अपने व्याज दरों में कटौती नहीं लायेगा तो लंबे अरसे के लिए व्याज दरें यथावत रखते हैं तो डोलर मजबूत होगा और सोने के दामों में गौरतलब गिरावट देखी जा सकती हैं ।

अप्रेल-जून की तिमाही में भारत की सोने की मांग सालाना धोरण से 14 प्रश बढ़ी थी । लेकिन इस साल की दूसरी छमाही में यह मांग गिरने की पूरी संभावना हैं । सोने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही दाम बढ़े हुए हैं और भारतीय बज़ट में सोने पर आयात शुल्क 10 प्रश से बढ़ाकर 12.5कर देने से सोने में दाम वृद्धि के आसार देखें जा रहें हैं ।



•रिपोर्ट स्पर्श देसाई /√• Gold Dust News Channel•के लिए ...


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