*नदी के पट से मिला हीरों का खजाना, 20 हजार लोगोंने हीरा तलाश ने लगाये तंबू*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*नदी के पट से मिला हीरों का खजाना, 20 हजार लोगोंने हीरा तलाश ने लगाये तंबू*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】मध्यप्रदेश के पन्ना क्षेत्र के आरामगंज में इन दिनों लोगों में आराम हराम है। इसकी वजह है कि रूझ नदी में बांध निर्माण कार्य के लिये चल रही खूदाई और इस मिट्टी से मिल रहे हीरें। नदी में खूदाई और इस साल हुई अधिक वर्षा की वजह से रूझ नदी में इस साल वर्षा में कई लोगों को हीरें मिलें हैं। इसके बाद हर दिन मिल रहे हीरों की खबर सुनकर दूर-दूर से लोग यहां हीरा खोजनेके लिए आने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से यहां नजारा है कि रूझ नदी के साथ ही उसकी सहायक नदी बागे में 20 से 25 हजार लोग हीरा खोजने में जूटे हैं। इनमें पन्ना सहित आसपास के जिले सतना,छतरपुर,दमोह और कटनी सहित उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के लोग भी शामिल हैं। बांदा से हीरा तलाशने आयी मुन्नीबाई अपने परिवार के साथ तंबू गाड़कर पिछले एक सप्ताह से नदी किनारे ही रह रही है।
*जाने,क्या है पूरा मामला?*
स्थानीय कारोबारी के मुताबिक हीरों को खोजने की आपाधापी में लोग न केवल आपस में झगड़ रहे हैं बल्कि जंगलों में भी उत्पात मचा रहे हैं। पिछले दिनों लोगों को हटाने के लिए वन विभाग की टीम पहुंची तो भीड़ ने वन विभाग के अमलदारों पर ही हमला कर दिया था। इसके बाद टीम लौट आई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर दिन सैंकड़ों की संख्या में लोगों को हीरे मिल रहे हैं लेकिन सभी या तो ब्लैक मार्केट में बेचे जा रहे हैं या लोग उन्हें अपने साथ ले जा रहे हैं। जिस इलाके में हीरे मिल रहे हैं । वह जंगल की सीमा में आता है इसलिए यहां हीरा खनन की वैधानिक अनुमति है ही नहीं। हाल ही मेें यहां एक खदान की मिट्टी धंसने से हीरा खोज रही एक महिला दबकर घायल हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने लोगों को हटाने का प्रयास शुरू किया था लेकिन भीड़ के आगे प्रशासन बेबस साबित हुआ था। गौरतलब है कि जिस इलाके में यह खनन हो रहा है वह प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह का विधानसभा क्षेत्र है। बावजूद इसके अवैध हीरा खनन पर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जिला हीरा एवं खनिज अधिकारी रवि पटेल ने कहा कि कहा कि कलेक्टर ने संयुक्त टीम गठित की है । जाे दीपावली बाद जांच शुरू करेगी।
*भीड़ हटायें : कहा कलेक्टर ने*
हीरा तलाशने आ रही भीड़ की एक कारण एक अफवाह भी है। जो सोशल मीडिया पर भी फैल रही है कि कलेक्टर ने एक महीने के लिये हीरा तलाशने की छूट आम लोगों को दी है। कलेक्टर संजय मिश्रा ने संवाददाताओं से बात कर इस गलतफहमी को दूर भी किया और बताया कि राजस्व और वन विभाग की टीम को नदी से लोगों को भीड़ हटाने के सख्त निर्देश दिये गये है। इसके बावजूद जंगल में नदी के बीच हीरा खोजने आने वालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।【Photo Courtesy Google】
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