सात शिकायतों के बाद घाटकोपर के ज्वैलर्स रसिकलाल सांकलचंद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला हुआ दर्ज/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई
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मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
घाटकोपर पूर्व एम.जी. रोड स्थित एक ज्वैलर के खिलाफ सात लोगों द्वारा धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने के बाद, पंतनगर पुलिस ने रसिकलाल सांकलचंद ज्वैलर्स के मालिक के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधि विश्वासघात का मामला दर्ज किया है।
प्रोपराइटर जयेश शाह ने 12 महीने के लिए समान किश्तों में भुगतान किए गए पैसे के बराबर सोना देने का वादा किया था। 12 वें महीने के योगदान को ज्वैलर द्वारा प्रोत्साहन के रूप में भुगतान किया जाना था।
ज्वेलर्स जयेश शाह ने एक अखबार को यह बताया था कि वह अपने कुछ प्रतिद्वंद्वियों द्वारा शुरू किए गए अभियान तहत फंस गए थे । उन्होंने आगे कहा था कि मेरी संपत्ति 150 करोड़ रुपये से अधिक हैं । उन्होंने कहा कि वह एम. जी. रोड पर अपना शोरूम खोलेंगे और मंगलवार को अपने निवेशकों को भुगतान करेंगे ।
ज्वेलर्स जयेश शाह ने दिनांक 28 अक्टूबर को अपना स्टोर बंद कर दिया था तब दीवाली का दिन था । तब से, लोगों के बिच यह बात पहुंची कि ज्वैलर्स रसिकलाल सांकलचंद के मालिक जयेश शाह दिवालिया हो चुके हैं और पैसा चूकाने के लिए गोल गोल बातें कर रहे हैं । दौरान जयेश शाह ने कहा कि दिवाली की बिक्री के बाद हर साल वह अपने कर्मचारियों को छुट्टी देते हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, उसी दिन, घाटकोपर में लोगों को शोश्यिल मिडीया के झरिये संदेश मिलना शुरू हो गया था कि रसिकलाल ज्वेलर्स दिवालिया हो गए हैं। यह संदेश वायरल हो गया और निवेशक लोग शोरूम पर पहुंच गए थे । उन्होंने मदद के लिए स्थानीय विधायक पराग शाह और सांसद मनोज कोटक से संपर्क किया था ।
दिनांक 30 अक्टूबर को स्टोर के बाहर भारी संख्या में निवेशक जमा हो गए थे। एक निवेशक ने कहा था कि वे पराग शाह और कोटक के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं वह इस मामले में जो कहेंगे वो हमे मंजूर होगा। इसी दौरान जयेश शाह ने निवेशकों की एक सूची बनाई और उन्हें सोने के आभूषणों का वितरण शुरू किया। ज्वेलर्स के पास बकाया राशि रखने वाले कुछ लोगों ने कहा कि कानूनविदों के लिए पुलिस को शामिल किए बिना ऐसे उपायों का सहारा लेना अनुचित था।
अधिवक्ता विनोद संपत ने कहा था कि पराग शाह और मनोज कोटक की मंशा अच्छी थी, लेकिन सोने को वितरित करने का निर्णय एक गड़बड़ी हो गई थी। जब पंजाब और महाराष्ट्र बैंक और किंगफिशर एयरलाइंस वित्तीय संकट में चले गए थे तो किसी भी राजनेताओं ने हस्तक्षेप नहीं किया था। अब यह कानून का कर्तव्य है। सभी निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए सरकार की एजेंसी मतलब पुलिस विभाग हस्त क्षेप करें ।
शुक्रवार को पराग शाह और कोटक ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों से मुलाकात की थी और शिकायत की कि ज्वेलर्स ने अपने निवेशकों को धोखा दिया है। पराग शाह ने एक अखबार के साथ बात करते हुए बताया था कि उसने हस्तक्षेप किया था क्योंकि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही थी। एक विधायक के रूप में, मैंने इस मुद्दे को हल करने की कोशिश की थी ।निवेशकों की सूची जयेश शाह और अन्य लोगों द्वारा प्रदान की गई थी। मैं परिस्थिति की निगरानी कर रहा था। कई निवेशकों, विशेषकर महिलाओं ने आभूषणों को उठाया था और इसे वापस करने से इनकार कर दिया था ।ज्वेलर्स जयेश थका हुआ लग रहा था और इसलिए उसने पैकेट को सोने से सील कर दिया और इसे अपने कर्मचारियों को दे दिया था , जिन्होंने अगले दिन इसे मेरे कार्यालय से वितरित किया गया था । पराग शाहने कहा था ।
मनोज कोटक ने इस मामले को EOW के साथ उठाने का श्रेय दिया। वर्तमान में इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू द्वारा नहीं बल्कि पंत नगर पुलिस द्वारा की जा रही है ।
रिपोर्ट स्पर्श देसाई √●Gold Dust # Gdnc●News Channel●के लिए...
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