*बुलियन बाजार की अनी बुलियन ने शेल कंपनियों में भेजे थे 1350 करोड़ रुपये, मनि लांड्रिंग का मामला*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*बुलियन बाजार की कंपनी अनी बुलियन ने शेल कंपनियों में भेजे थे 1350 करोड़ रुपये, मनि लॉन्ड्रिंग का मामला*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】देश में मनि लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है । उत्तर प्रदेश के लखनऊ प्रदेश के निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने वाली बुलियन बाजार की कंपनी अनी बुलियन कंपनी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आया है कि इस अनी बुलियन कंपनी के संचालकों ने निवेशकों की जेब से निकाले गए करीब करीब 1350 करोड़ रुपये शेल कंपनियों में भेजे थे। बाद में इस रकम को अपने करीबियों के बैंक खातों में भेजकर बेशकीमती संपत्तियों की खरीदारी हुई थी। इस प्रकरण में ईडी 18 सितंबर सोमवार को घोटाले के मुख्य आरोपी अजीत कुमार गुप्ता की पत्नी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी निहारिका सिंह गुप्ता से पूछताछ कर सकती हैं। ईडी ने उनको चौथी बार नोटिस देकर तलब किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि निहारिका सिंह के खातों में भी करोड़ों रुपये की रकम भेजी गयी थी । जिससे नोएडा में कुछ संपत्तियों को खरीदा गया था।
ईडी के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह रकम किस वजह से निहारिका सिंह के खाते में आई थी और इसका असली स्रोत क्या था ? जांच में यह भी सामने आया है कि निहारिका सिंह देश के तमाम बड़े राजनेताओं के साथ अपनी फोटो निवेशकों को दिखाकर उनकी रकम सुरक्षित रहने का भरोसा देती थी। विदेश में रकम भेजने की भी जांच हो रही हैं। ईडी के अधिकारियों को यह डाउट है कि अनी बुलियन कंपनी ने निवेशकों की रकम को हड़पने के बाद उसे विदेश के कुछ बैंकों में ट्रांसफर किया जाता था। इसमें निहारिका सिंह की भूमिका की पड़ताल की जानी है। जिन कंपनियों में करोड़ों रुपये भेजे गये थे । उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गौरतलब हैं कि ईडी ने हाल ही में अनी बुलियन कंपनी की 7.07 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया था। ये संपत्तियां दिल्ली, लखनऊ और अमेठी में खरीदी गयी थी। साथ ही कई बेनामी संपत्तियां खरीदने की जांच भी जारी है।
*एनी बुलियन घोटाला अपडेट*
पूछताछ के लिए आईएफएस निहारिका सिंह को आज ईडी दफ्तर में होना था हाजिर। पिछली तीन नोटिस पर ईडी दफ्तर नहीं पहुंची थी निहारिका सिंह । एनी बुलियन पर निवेशकों के 1350 करोड़ रुपए शेल कंपनियों में भेजने का आरोप। पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है ईडी। बाद में ये रकम अपने करीबियों के बैंक खातों में भेजने का आरोप। निवेशकों की रकम से बेश कीमती संपत्तियां भी खरीदी गई। विदेशी बैंक खातों में भी रकम भेजने की हो रही हैं जांच। घोटाले के मुख्य आरोपी अजीत कुमार गुप्ता आईएफएस निहारिका सिंह के पति हैं।
*क्या होता है बुलियन बाजार?*
एक वित्तीय बाजार होता है । जहां सोने और चांदी की खरीद-बिक्री होती है। यह एक अंतर्राष्ट्रीय बाजार होता है । जिसमें सोने और चांदी के निर्माता,वितरक, बाजार निर्धारितकर्ता,संगठन और ग्राहकों के संगठनिक सदस्य होते हैं। बुलियन बाजार में सोने और चांदी के मूल्य के प्रति आधारित व्यापारिक समझौते होते हैं। इसमें सोने और चांदी की कई प्रकार की पदार्थों की खरीद-बिक्री होती है । जैसे सोने के सिक्के,गहने, बार,सोने के नियमित और विशेष आकर्षक पदार्थ,चांदी के सिक्के,बार,गहने आदि। बुलियन बाजार में सोने और चांदी के मूल्य को प्रभावित करने वाले कई कारक होते हैं । जैसे कीमती धातु की मांग और आपूर्ति,
अर्थव्यवस्था की स्थिति,वित्तीय बाजार की स्थिति,सोने और चांदी की माइक्रो-और मैक्रो-आर्थिक प्रक्रियाएं,राजनीतिक संकेतक,
मुद्रा मूल्य,गहनों की प्रसंसा,सोने और चांदी के उपयोग के सामर्थ्य, ग्राहकों का विश्वास आदि। बुलियन बाजार में निवेशकों को सोने और चांदी के मूल्य में उतार-चढ़ाव के आधार पर व्यापार करने की संभावना होती है। यह एक अत्यंत लाभकारी और संघर्षपूर्ण बाजार होता है । जहां कीमतों में छोटे समय में बदलाव हो सकता है। बुलियन बाजार में निवेश करने के लिए विशेष ज्ञान,अनुभव,तकनीकी जानकारी और निवेश करने की समय-समय पर समझौता करने की क्षमता की आवश्यकता होती है।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Gold Dust•News Channel•#बुलियन#जांच#धोटाले




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