*बुंदेलखंड में कोयले से मिला हीरा, झांसी पारिछा पॉवर प्लांट में कोयले के ढेर से मिला 2 केजी का डायमंड पत्थर:एक टुकड़ा लेकर अफसर हुआ फरार*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*बुंदेलखंड में कोयले से मिला हीरा, झांसी पारिछा पॉवर प्लांट में कोयले के ढेर से मिला 2 केजी का डायमंड पत्थर:एक टुकड़ा लेकर अफसर हुआ फरार*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई रिपोर्ट स्पर्श देसाई)बुंदेलखंड में डायमंड पत्थर यानि कच्चे हीरों को लेकर होड़ मच गई है । झांसी के पारिछा पॉवर प्लांट के अंदर कोयले के ढेर से हीरे जैसा चमकीला पत्थर मिला है । कोयले की छंटाई में लगे मजदूरों को जब यह चमकीला पत्थर मिला तो उसे झपटने को होड़ मच गई । बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर तो उसके टुकड़े अपने साथ लेकर घर चले गए थे। जैसे ही इस बात की भनक प्लांट के अधिकारियों को मिली तो बचे हुए चमकीले पत्थर को अपने कब्जे में ले लिया था।
इस बीच एक इंजीनियर ने अधिकारियों से परिक्षण की बात कहकर उसे लेकर फरार हो गया था । वहीं पारिछा पॉवर प्लांट प्रशासन के मुख्य महाप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि जो धातु बरामद हुई है,उसका परीक्षण प्रथम दृष्टया कराया गया है । अभी तक जो बात आई है उसमें वह हीरा नहीं है । बरामद चमकीली धातु का परीक्षण कराया जाएगा तब जाकर कह पाना आसान होगा कि यह बरामद धातु हीरा है या फिर कुछ और है।
गौरतलब है कि पारिछा थर्मल पॉवर प्लांट में धनबाद से कोयले की आपूर्ति होती है । बताया जा रहा है कि गत दिवस धनबाद की बीसीसीएल साइट से कोयला की एक रैक पॉवर प्लांट पहुंची थी । जिसके बाद रैक से कोयले के चुनिंदा ढेर निकालकर परिक्षण के लिए मजदूरों द्वारा सैंपलिंग की जा रही थी । इसी बीच एक मजदूर के हाथ करीब दो किलो वजन का बेहद चमकीला पत्थर का टुकड़ा मिला था। जिसके बाद उसे लूटने की होड़ मच गई थी। कहा जा रहा है कि मजदूरों ने उसके कई टुकड़े कर दिए और कुछ उसे लेकर चले गए थे।
*मजदूरों के घर से मिले दो टुकड़े*
इसकी सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मजदूरों के घरों की तलाशी ली तो दो टुकड़े बरामद हुए थे। जिसे लेकर वे प्लांट पहुंचे थे । यहां एक इंजीनियर ने बाहर परिक्षण की बात कहकर एक टुकड़े को लेकर प्लांट से बाहर निकला और फरार हो गया । अब बचे हुए एक टुकड़े की जांच कराने की प्लांट प्रशासन कह रहा है ।
*क्या कहते हैं एक्सपर्ट?*
अगर एक्सपर्ट्स की बात करें तो उनका कहना है कि हीरे की परख जौहरी ही कर सकता है लेकिन आम जनता के लिए अगर उसकी पहचान करना चाहती है तो उसके दो तीन तरीके हैं । पहला तो यह कि अगर हीरा है तो उसे पत्थर से खरोचने पर भी वैसा ही रहेगा । दूसरा यह कि पानी में डालते ही डूब जाएगा । तीसरा यह कि वह अंधेरे में जुगनू की भांति चमकता हो तो वह हीरा है।
*कोयले के बीच 2 किलो का हीरा!
चौंधिया गईं आंखें, बिगड़ी नीयत और फुर्र*
यूपी के झांसी में पारिछा थर्मल पावर प्लांट (पीटीपीपी) में कोयले की छंटाई के बीच एक 2 किलोग्राम का हीरे जैसा चमकीला पत्थर मिला था। इसे पाने की होड़ में पहले वहां मौजदू मजदूर आपस में ही भिड़ गए थे। इसके बाद बवाल बढ़ने पर कंपनी से जुड़े इंजीनियर और अधिकारियों ने जांच के नाम पर उस हीरे जैसे पत्थर को अपने कब्जे में ले लिया था। बाद में पता चला कि कंपनी के उन अधिकारियों की नियत बदल गई और पत्थर को लेकर फरार हो गए थे। झांसी से लगभग 25 किमी दूर बेतवा नदी के तट पर स्थित इस संयंत्र का स्वामित्व और संचालन उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम करता है, जो एक राज्य उद्यम है।
प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक मनोज सचान ने कहा कि भारत सरकार की एक आउटसोर्स कंपनी क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के कर्मचारियों को प्लांट के अंदर भेजे जा रहे थे और कोयले की गुणवत्ता की जांच करने में लगे हुए थे। सोमवार को झारखंड से ताजा आए कोयले के रेक के वैगन से मजदूरों को 2 किलोग्राम का कांच जैसे चमकीला पत्थर मिला था। इसके बाद मजदूरों ने उसे तोड़ दिया और टुकड़ों को लेकर भाग गए थे। इस दौरान हुए विवाद को किसी ने वीडियो बनाकर साइट इंचार्ज को सूचना दे दी गई थी। सूचना मिलने पर साइट इंचार्ज मौके पर पहुंचे और किसी प्रकार का विवाद न हो इसके लिए भाकी बचा टुकड़ा अपने साथ अपने घर ले गए थे।
दूसरी तरफ शाम को थर्मल प्लांट के एक कार्यकारी अभियंता भूपेंद्र सिंह क्यूसीआई में ही काम करने वाले अमित सिंह समेत अन्य के साथ साइट इंचार्ज के घर पर पहुंचे थे। इसके बाद उनसे जांच के नाम पर पत्थर ले लिया था। बाद में वो सभी फरार हो गए। गुरुवार को घटना सामने आने पर आरोपियों के खिलाफ झांसी के बड़ागांव थाने में आईपीसी की धारा 379 (चोरी) के तहत केस दर्ज किया गया था। बड़ागांव थानाध्यक्ष विनय दिवाकर के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों को राउंडअप कर लिया है,जिनसे पूछताछ की जा रही है।
प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक मनोज सचान के मुताबिक शुरुआती जांच में चट्टान के हीरा होने की संभावना नहीं है। यह दो कैरेट का है और नाजुक है,जो हीरे की गुणवत्ता नहीं है। एक हीरा काफी कठोर होता है और दस कैरेट से शुरू होता है। यह चट्टान जैसा लगता है। हालांकि हम सरकार द्वारा प्रमाणित लैब में इसका और परीक्षण कराएंगे। [Photo Courtesy Google]
~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Gold Dust•News Channel•#हीरा#कच्चा#

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