*घरेलू ज्वैलर के लिये "कण्ट्रोल्ड डिलीवरी" का कानून नहीं बनाया गया है,उन्हें डरने या घबराने की कतई जरुरत नहीं है और ना ही उन पर यह कानून लागू होता है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*घरेलू ज्वैलर के लिये "कण्ट्रोल्ड डिलीवरी" का कानून नहीं बनाया गया है,उन्हें डरने या घबराने की कतई जरुरत नहीं है और ना ही उन पर यह कानून लागू होता है*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

【मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】पहले ही मंदी की मार झेल रही ज्वेलरी इंडस्ट्री भारत सरकार द्वारा अचानक सोने पर 5% आयात शुल्क बढ़ाने व सोने,चांदी इत्यादि बहुमूल्य धातुओ को ड्रग जैसी ख़तरनाक आइटम के साथ कण्ट्रोल्ड डिलीवरी मे शामिल करने करने से सदमे मे आ गयी हैं । जिसके कारण ज्वेलरी इंडस्ट्री मे डर का माहौल बन गया था । ज्वैलर घबराया हुआ था कि कहीं सरकार इस धंधे के खिलाफ नित नये निर्णय लाकर इसे बंद तो नहीं कराना चाह रही हैं। इस विषय पर बनी भ्रान्ति को दूर करने के लिये दी बुलियन & जेवेलर्स एसोसिएशन कूंचा महाजनी ने 16 जूलाई शनिवार की बिती रात 9 बजे इस कानून के एक्सपर्ट श्री के पी सिंह (आईआरएस) फार्मर कमिश्नर कस्टम, जीएसटी के साथ इंडस्ट्री की एक ज़ूम मीटिंग का आयोजन किया था। जिसमे देश के कोने-कोने से ज्वेलरी इंडस्ट्री के दिग्गज व वित्त मंत्रालय के कई उच्च अधिकारी भी शामिल हुए थे । श्री सिंह ने बताया कि यह कानून आयात-निर्यात मे होने वाली अनियमितताओ को रोकने के लिये कार्यन्वित किया गया है जोकि 2018 मे बनाया गया था । उन्होंने उदाहरण देकर बताया जैसे "ए" आइटम घोषित करके "बी" आइटम आयात करना या फर्ज़ी पहचान बताकर किसी दूसरे के नाम से आयात करना इत्यादि । इंडस्ट्री के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि घरेलू ज्वैलर के लिये यह कानून नहीं बनाया गया है उन्हें डरने या घबराने की कतई जरुरत नहीं है और ना ही उन पर यह कानून लागू होता है । यह केवल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिये बनाया गया है । 

वित्त मंत्रालय के उच्च अधिकारियो ने भी स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार का मकसद घरेलू ज्वेलरी इंडस्ट्री को डिस्टर्ब करने का कतई नहीं है । यह कानून केवल  आयात-निर्यात की आड़ मे होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिये बनाया गया है । खासकर सोने की आयात को । इमानदार आयातक- निर्यातक को कोई असुविधा ना हों यह भी प्राथमिकता रहेगी ।

एसोसिएशन ने ज्वेलरी इंडस्ट्री के सभी साथियो के प्रश्नों के उत्तर दिलाकर उन्हें संतुष्ट करने की कामयाब कोशिश की गई थी। मीटिंग 3 घंटे तक चली और रात 12 बजे समाप्त हुई । एसोसिएशन के सभी सदस्य भी संतुष्ट हुए थे । कृप्या, आप भी किसी के बहकावे मे ना आये और पहले की तरह नियम कायदे को ध्यान मे रखते हुए निर्भीक होकर ज्वैलर्स भाई लोग अपना व्यापार करें । मीटिंग मे उपस्थित सभी सम्मानित साथियो व हमारे विशिष्ट अतिथियों का हम धन्यवाद करते है । जिन्होंने मीटिंग मे शामिल होकर ज्वेलरी इंडस्ट्री के भ्रम दूर करने व ज्ञानवर्धन मे हमें सहयोग किया था। टीबीजेए टीम सदैव आपके लिये आपके साथ हैं । ऐसा दी बुलियन & जेवेलर्स एसोसिएशन, कूंचा महाजनी चाँदनी चौक,दिल्ली के चेयरमैन योगेश सिंघल ने बताया था ।【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Gold Dust•News Channel•#कण्ट्रोल्ड डिलीवरी का कानून

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