*सोना कितना सोना हैं ? आफतों में मददगार है सोना*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*सोना कितना सोना हैं ? आफतों में मददगार है सोना*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 
【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】भारतीय समाज में सोने का महत्व बहुत हैं । हर भारतीय मानता है कि सोना आफत के वक़्त मददगार साबित होता है इसलिए भारत में भारतीय परिवारों में करीब 25 हजार टन सोना संग्रहित है । ऐसा वर्ल्ड गोल्ड काउन्सिल के साल 2020 के एक रिपोर्ट में कहा गया है । भारत में ज्वैलरी के निर्माण के लिए सालाना 800 से 1000 टन सोने की डिमांड रहती है । इस साल 2022 में यह आंकडा करीब 25000 टन तक पहुंच गया है । भारत में तामिलनाडू राज्य तो सोने का हब बन गया है । जो एक वक्त था कि मुंबई सोने का हब था । संसार में कुल 11 प्रतिशत सोने जत्था है । जिसमे अमेरिका के पास करीब 9 हजार टन,जर्मनी में करीब 4 हजार टन, ईटली में करीब 4 इजार टन, फ्रान्स में करीब 3 हजार टन और रशिया में 2 हजार टन सोना रिजर्व पडा है | इस क्रमांक में भारत का 10 क्रमांक आता हैं | भारत के पास 560 टन सोना रिजर्व है । जबकी चाईना के पास 2 इजार टन, स्वीस के पास एक हजार टन,जापान 765 टन और नेघरलैंड के पास 612 टन सोना रिजर्व पड़ा है ।

भारत में सोने में निवेश भी होता हैं इसलिए ईटीएफ,गोल्ड सॉवरिज बॉन्ड भी उपलब्ध हैं लेकिन भारत में फिजीकल सोने की डिमांड ज्यादा है । भारत में ज्वैलरी बनाने के लिए के ज्यादातर सोना प्रयोग में लाया जाता है । संसार में साल 2021 तक 1,90,040 टन सोना उत्पाद किया गया था ।संसार में  प्रतिशत वर्ष 3 हजार टन सोना खदानों से निकाला जाता हैं । सोने का दाम एक ट्राय औंस पर माना जाता है । संसार में जितने टन सोने का जत्था है उसका 48 प्रश जत्था सोना ज्वैलरी में परिवर्तित हो चुका हैं । संसारमें सोने की किमत 31.103 ग्राम पर तय  होती हैं जिसे प्रति ट्रोय औंस का दाम माना जाता हैं । भारत में 10 ग्राम सोने पर दाम चलता हैं । भारत में साल 2008 से 2010 के दौरान 4 से 5 हजार रु. प्रति 10 ग्राम था । आज साल 2022 में इस दाम 52 हजार रु. प्रति 10 ग्राम चल रहा हैं ।

 साल 2021 में भारत में 75 टन सोना रिसाईक्लींग हुआ था । इस क्रमांक में भारत का 4था क्रमांक है । 168 टन रिसाईक्लींग सोने के साथ चीन पहले क्रमांक पर हैं । 80 टन रिसाईक्लींग सोने के साथ इटली दूसरे क्रमांक पर हैं । जबकि 78 टन सोने की रिसाईक्लींग के साथ अमेरिका 3 नंबर पर हैं । साल 2013 में भारत में सोने की सिफाईनिंग और रिसाइकिलिंग क्षमता 300 टन की थी । वह साल 2021 में 500 प्र.श.वृध्दि पाकर 1500 टन की हो गई हैं । साल 2013 में इस क्षेत्र में सिर्फ प्रमाणित 5 कंपनीयां थी । जो साल 2021 में बढ़कर 33 हो गई है । साल 2013 में रफ सोने का प्रमाण सिर्फ 3 प्रतिशत था । जो साल 2021 में 22 प्रतिशत हो गया है । ऐसा वर्ल्ड गोल्ड काउन्सिल ने बताया था । 【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई√•Gold Dust•News Channel•#सोना

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