*कूंचा महाजनी सोने,चांदी एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष कमलेश जैन और सचिव अभिषेक अग्रवाल ने उपभोक्ता मंत्रालय के श्रीमान पीयूष गोयलजी को लिखा खत,दिए सुझाव*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*कूंचा महाजनी सोने,चांदी एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष कमलेश जैन और सचिव अभिषेक अग्रवाल ने उपभोक्ता मंत्रालय के श्रीमान पीयूष गोयलजी को लिखा खत,दिए सुझाव*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
(मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई) कूंचा महाजनी सोने,चांदी एसोसिएशन दिल्ली के अध्यक्ष कमलेश जैन और सचिव अभिषेक अग्रवाल ने खत में लिखा है कि कूंचा महाजनी सोने,चांदी,हीरा इत्यादि ज्वेलरी का एशिया का सबसे बड़ा विक्रय केंद्र है । यहाँ ज्वेलरी की हज़ारो दुकाने है । एसोसिएशन सम्पूर्ण भारत के ज्वैलर का प्रतिनिधित्व करती है । आपने एक्सपर्ट कमेटी व एडवाइजरी कमेटी से 3 बिंदुओं पर सुझाव मांगे है । जिम्मेदार एसोसिएशन होने के नाते हम भी आपको कुछ सुझाव भेज रहें है जो शायद सरकार व ज्वेलरी इंडस्ट्री के काम आ सके । जिसके मुताबिक उन्होंने जो सुझाव दिए हैं वो कुछ इस तरह के है।
*बीआईएस के पोर्टल पर अनिवार्य एचयूआईडी ट्रांसफर करने के सम्बन्ध में*
सुझाव : डाटा ट्रांसफर एक पारदर्शक प्रकिर्या है जिससे ज्वेलरी की शुद्धता से छेड़छाड़ करने वाली कड़ी की आसानी से पहचान की जा सकती है । यह प्रणाली बहुत अच्छी और स्वागत योग्य है लेकिन कुछ बड़े ज्वैलर को छोड़कर देश के 90 प्रतिशत ज्वैलर इस प्रकिर्या को अपनाने मे फिलहाल असमर्थ है । उनके पास इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है कुछ ज्वैलर कंप्यूटर चलाना नहीं जानते या कर्मचारियों की भर्ती का खर्चा वहन नहीं कर सकते तथा दुकान का एरिया छोटा होने की समस्या है अगर जल्दबाजी मे इसे लागू किया गया तो उनके पास दुकान बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा । जिससे बेरोजगारी को बढ़ावा मिलेगा । अतः छोटे से छोटे ज्वैलर को जागरूक एवं शिक्षित करने के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए। डाटा ट्रांसफर से फ़र्ज़ी हॉलमार्किंग को पूरी तरह रोकना असंभव है ।
*जड़ाऊ,कुंदन,पोल्की को अनिवार्य हॉमार्किंग के दायरे मे लाने के सम्बन्ध मे*
सुझाव : उपरोक्त ज्वेलरी को अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे मे लाने का फैसला ऑफिस मे बैठकर नहीं बल्कि एक्सपर्ट एवं एडवाइजरी कमेटी के सदस्यो की निगरानी मे हॉलमार्क कराकर लिया जाना चाहिये ताकि हॉलमार्क प्रकिर्या मे ज्वेलरी को होने वाली क्षति का सही से आकलन किया जा सके और उसके नुकसान की जिम्मेदारी तय की जा सके क्योंकि महंगी मजदूरी और महंगा नुकसान झेलने की ताकत ज्वैलर के बूते के बाहर है अगर इस तरह की ज्वेलरी पर हॉलमार्क होने मे दिक्कत आती है तो ज्वेलरी के किसी भाग पर एक पत्ती जुड़वाकर सोने का वजन घोषित कराना चाहिये ताकि भोले भाले ग्राहकों को नगो के वजन को सोने मे ना बेचा जा सके ।
देश के सभी ज्वैलर पूरे देश मे शुद्ध स्वर्ण आभूषण बेचना चाहते है इसके लिये उन्होंने आवश्यक हॉलमार्क कानून का खुले दिल से स्वागत किया था । पूरे देश मे आवश्यक हॉलमार्क लागू करने के लिये सभी ज्वैलर को हॉलमार्क कराने का समान अधिकार मिलना चाहिये चाहे वो मैन्युफैक्चर हों प्रिंसिपल मैन्युफैक्चर हों होलसेलर हों या रिटेलर सभी को अपने रजिस्ट्रेशन से अपने विश्वसनीय सेंटर से हॉलमार्क कराने की छूट हों नहीं तो मैन्युफैक्चरिंग मंडियो मे ही हॉलमार्क सेंटर पनपेंगे व दूसरे क्षेत्रो मे बंद हों जायेंगे और सरकार व ज्वैलर का आवश्यक हॉलमार्क का सपना साकार होने से रह जायेगा तथा ज्वेलरी इंडस्ट्री का ग्रोथ भी रुक जायेगा ।
कुछ इस तरह के सुझाव दिए गए हैं।( Photo Courtesy Google)
~ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई √•Gold Dust•News Channel•#सुजाव


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