आयकर विभाग द्वारा देश के ज्वैलर्सो को भेजीे गई नोटिसों के संदर्भ में कुछ अहम जानकारी / रिपोर्ट स्पर्श देसाई





                     
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                मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

    इस साल की  7 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित कन्फेडरेशन ऑफ आल इण्डिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महाअधिवेशन में पधारी मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्तमंत्री जी को AIJGF की तरफ से देश के ज्वैलर्स को आयकर विभाग द्वारा भेजे गए नोटिसों के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था कि ज्वेलर्सो को आयकर अपील के लिए 20% राशि जमा करने में राहत दी जाये ।
   उक्त संदर्भ में सरकार से बातचीत पर सरकार की और से यह इंगित किया गया है  कि देश के ज्वेलर्स लोगों ने विमुद्रिकारण में गलत तरीके से व्यापार किया है ।
   बातचीत में AIJGF की ओर से कैट ने पक्ष रखते हुए कहा है कि देश भर के 3 लाख ज्वैलर्स में मात्र 10 हजार ज्वैलर्स को कटघरे में खड़े किया गया हैं । जिनपर आयकर विभाग ओर सरकार को संदेह है कि ज्वेलर्स गलत व्यापार में शामिल है । विभाग सभी छोटे व मध्यमवर्गीय लाखो ज्वैलर्स को न गलत भावना या संदेह से न जोड़ा जाये । देश का छोटा ज्वैलर्स चंद लोगो के गलत कार्यो की वजह से कानूनों में जकड़ कर दम तोड़ रहा है । छोटे ज्वैलर्स जिनके मात्र 1,2 से 5 करोड़ तक जमा हुए हैं । उनकी अलग स्लैब बना कर आयकर अपील में 20% अग्रिम राशि जमा से राहत प्रदान की जाए या राशि घटा कर 0% ओर  5% की जाये ।
    इस बात का जजमेंट आने के 30 दिन के भीतर पूरी  रकम जमा या अपील में जाना होता है । आम बजट का समय नजदीक है । अतः कैट ने सरकार से निवेदन किया है कि यदि उक्त मुद्दे व्यापारियों से बातचीत का यदि सरकार के पास समय न हो डिमांड राशि की ओर अपील की समय सीमा बढ़ा दी जाए, ताकि बजट के बाद उक्त विषय पर ज्वैलर्स और सरकार के मध्य बातचीत कर देश के ज्वैलर्स पर जो अतिरिक्त आर्थिक बोझ लादा जा रहा हैं, उसे बचाया जा सके । यदि यह सिफारिश मान कर सरकार कोई समय सीमा बढ़ाती है (45 या 60 दिन तक) तो निश्चित ही ज्वेलर्स लोग कुछ राहत पा सकते है ।

   इस फेडरेशन गठन के साथ ही दिनांक 27-जनवरी को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल जी को सौंपे ज्ञापन में  फेडरेशन के संस्थापक मंडल के सदस्यों के बीच हुई चर्चा केंद्रीय मंत्री जी को सौंपे गए मांग पत्र में चर्चा के कुछ अंशों को देखें तो - घरेलू परिषद Domestic gold council  में AIJGF का समावेश हो, 20 कैरट आभूषण की  स्वीकृति मिले,  केवल हॉलमार्किंग केंद्र द्वारा स्टॉक का रखरखाव हो, 2 लाख के बजाय 100 ग्राम के आभूषण तक नकद बिक्री की अनुमति हो, प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सरकार स्वयं के हॉलमार्किंग केंद्र खोले, बिक्री पर कोई आधार कार्ड ना लिया जाये, हॉलमार्किंग केंद्र खोलने हेतू  निवेश पर व्यक्ति को सब्सिडी मिले,
हॉलमार्किंग मशीनों पर कोई आयात शुल्क नहीं हो,
आयकर नोटिस पर विभागीय अपील पर 20% की मांग न करें, टैक्स नोटिस की तारीख का विस्तार हो,  केवल आयकर के लिए लाभ मार्जिन का आकलन करे, पूर्ण संग्रह का नहीं, प्राथमिकता पर सुरक्षा हेतु हथियार का लाइसेंस ज्वेलर्स को उपलब्ध कराया जाये, कारोबार हेतू ज्वैलर्स को आसान बैंक लोन उपलव्ध हो , कारीगरों को भी आसान बैंक ऋण कराया जाये , 411 IPC से बचने के लिए पुराने आभूषणों की खरीद के लिए नए नियमों का मसौदा तैयार किया जाये और ज्वैलर्स का बीमा योजना के तहत विमा कराया जाये । ऐसी जानकारी पंकज अरोरा राष्ट्रीय संयोजक ने दी थी ।

◆रिपोर्ट स्पर्श देसाई √●Gold Dust News Channel # Gdnc●के लिए...


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