जीएसटी दरों में कटौती और कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती से हीरा उधोग में फिरसे लौटेंगी रौनक : जीजेईपीसी / रिपोर्ट: स्पर्श देसाई
"हीरा उधोग के लिए जीएसटी दर में कटौती और कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती से कारोबार करने में आसानी होगी ।इससे हीरे की निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और पड़ोसी देशों के संबंध में भारत को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा और निवेश गंतव्य के रूप में आकर्षक होगा ।" ऐसा जीजेईपीसी के चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल, ( जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ) ने हाल के दिनों में बताया ।
अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि त्यौहार के इस मौसम की पूर्व संध्या पर सरकार के जरिये की गई यह उद्घोषणा व्यापार घटकों और हीरा उद्योग को खुश कर सकती हैं । श्री अग्रवाल ने आगे कहा था कि"यह विशेष रूप से यू.एस. की प्रधान मंत्री की यात्रा की पूर्व संध्या पर दुनिया को भेजने के लिए सही संकेत है, जो रत्न और आभूषण उद्योग के लिए सबसे बड़ा निर्यात बाजार हैंं ।"
सोने के समान, अब निर्यात उद्देश्यों के लिए नामित एजेंसी द्वारा आपूर्ति किए जाने पर चांदी और प्लैटिनम को भी जीएसटी में अब छूट मिलेगी ।
गौरतलब हैं कि सरकार के जरिए हाल के दिनों में कट और पॉलिश किए गए अर्द्ध कीमती पत्थरों पर जीएसटी की दर 3% से घटाकर 0.25% कर दी गई हैंं ।
अग्रवाल ने अपनी बात में कहा था कि "इस कदम से वर्किंग कैपिटल ब्लॉकेज का बोझ कम होगा और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में सहाय मिलेगी ।"
सरकार ने निर्दिष्ट नामित एजेंसियों द्वारा चांदी , प्लेटिनम पर आयात के समय जीएसटी , आईजीएसटी से छूट दी हैंं और आभूषणों के निर्यात के लिए निर्यातकों को निर्दिष्ट नामित एजेंसी द्वारा चांदी , प्लेटिनम की आपूर्ति की गई हैं । डायमंड इंडिया लिमिटेड (डीआईएल याने डिल) को सोने ,चांदी , प्लैटिनम के आयात पर आईजीएसटी छूट के लिए नामित एजेंसियों की सूची में शामिल किया गया हैंं ताकि आभूषण निर्यातकों को नील जीएसटी की आपूर्ति की जा सकेंं ।
जॉब वर्क सर्विस के संदर्भ में, जीएसटी काउंसिल ने हीरों के संबंध में जॉब वर्क सर्विसेज की आपूर्ति पर जीएसटी दर को 5% से घटाकर 1.5% कर दिया हैंं, जोकि यह एक अच्छी बात हैं । उन्होंने कहा, "यह उपाय क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करेगा, भारत से रत्न और आभूषणों के विनिर्माण और निर्यात को बढ़ाने में मदद करेगा ।"
उन्होंने आगे कहा था कि "सरकार ने अर्थव्यवस्था और उद्योग को सकारात्मक प्रोत्साहन दिया हैंं, जो वैश्विक मांग में कमी और घरेलू खपत कम होने के कारण चुनौतीपूर्ण समय का सामना कर रहे हैं ।" श्री अग्रवाल ने यह भी कहा था कि रत्न और आभूषण क्षेत्र के अधिकांश एमएसएमई MSMEs अब प्राथमिकता क्षेत्र के क्रेडिट लाभ के लिए पात्र होंगे और यह उद्योग के लिए बहुत सकारात्मक विकास था । श्री अग्रवाल ने कहा कि निर्यात ऋण सीमा अब 25 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ कर दी गई है और इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा ।
गौरतलब हैं कि साल 2007 में आई मंदी में फंसा भारत का हीरा उधोग लड़खड़ा रहा, उसको कहीं से कोई सहायता नहीं मिल रही थी । जबकि इस उधोग को बचा ने के लिए कई बार सरकार को निवेदन प्रस्तुत किये गये थे । अब जाके सरकार ने इस उधोग को बचाने के लिए उधोग के कुछ हिस्सों की जीएसटी में कटौती करने पर हीरा बाजार में खुशीयों का माहौल हैं ।
रिपोर्ट: स्पर्श देसाई √●Gold Dust News Channel #Gdnc● के लिए...

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