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Showing posts from July, 2019

भारत के हर बाज़ार में क्या मंदी का माहौल हैं ? / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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मुंबई ,/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई, भारत के करीब करीब सभी व्यापारियों की राय हैं कि बाजारों में मंदी छा गई हैं और इसआर्थिक मंदी में आगे  बढ़े तो बढ़े कैसे ? सरकार के आंकडे चाहे कुछ भी कहे, ये सच है की भारत में आर्थिक मंदी शुरूआत हो चुकी हैं और ये सबसे बड़ी और सबसे लंबी चलने वाली मंदी हो सकती हैं । इससे बाहर निकलने के लिये व्यापारियों को कड़े संघर्ष की ज़रूरत पड़ सकती  है । कुछ ज़रूरी बातों  और कदम अगर वो उठाते हैं तो जिसके तहत मंदी की मार कम की जा सकती हैं । जिसके तहत अपने फ़िज़ूल खर्चे पर लगाम लगायें । चाहे व्यापार में हो या व्यक्तिगत जीवन में, फ़िज़ूल खर्चों से बचें । बिना कारण यात्रा, प्रवास या व्यापार के अनआवश्यक खर्च टालने की कोशिश करें । किसी भी ग्राहकों  के बड़े order को double check करे और  यह जानले कि वो भुगतान करने मेें सक्षम हैं ? इस समय व्यापारी सिर्फ़ वही order ले जो firm रह सकते हैं । outstanding व्यापारीयों का Budget बिगाड़ सकता हैं । हर व्यापारी  अपनी क्षमता के अनुसार ही काम करें मतलब  booking करें । अपने stock का निरंतर जायज़ा ले और क्षमता और ...

GST की वजह से ज्वेलरी कारीगरों काम नहीं मिल रहा / रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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 •Photos by Google• मुंबई, / रिपोर्ट स्पर्श देसाई जीएसटी लागू होने के दिन से  ज्वेलर्स मांग उठा रहे हैं कि जोब वर्क पर से जीएसटी हट जाएं। ज्वेलरी  ईंडस्ट्री को ज्ञात हो कि पहले ज्वेलरी जॉब वर्क पर भी 18 प्रश की  जीएसटी लागू कर दी गई थी । ज्वेलर्सो के जोरदार विरोध के चलते इस को कम करके 5% कर दी गई फिर भी इस जॉब वर्क पर जीएसटी के भोज के चलते छोटे-छोटे दुकानदारों को बड़े व्यापारी काम नहीं दे रहे हैं । इससे ज्वेलरी कॉटेज इंडस्ट्री ढांचा बर्बाद होने की नौबत आ गई है । बड़े-बड़े व्यापारी इस टैक्स बचने के लिए अपनी फैक्ट्रियां लगा रहे हैं । जिसमें स्वर्णकारोंका भविष्य केवल बॉन्डेड लेबर बन कर रह जाएगा । ऐसी संभावना हैं । देश के ज्वेलरी सेक्टर के संगठन ज्वेलर्स लोग इस मांग के प्रति ज्यादा देर असंवेदनशील नहीं रह सकते हैं । अगर इनबिल्ट मैन्यूफैक्चरिंग के चलते इंडस्ट्री का आधारचक्र गया तो भारत की ज्वेलरी इंडस्ट्री को पूछने वाला सरकार में एक भी आदमी नहीं होगा  । कोई भी सरकार ज्वेलरी इंडस्ट्री पर ध्यान  इसीलिए देती है कि यह ज्वेलरी इंडस्ट्री व्यापक तौर पर कॉटेज इंडस्ट्री...

बढ़ी हुई ड्यूटी और दामों से भारत के सोना-चांदी उधोग में मंदी /रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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-- मुंबई, भारत के ज्वेलरी बाजार का बुरा हो गया हैं हाल । यह कारोबार पूरी तरह ठप्प हो गया हैं। करीब करीब सभी कारीगर लोग बिना काम से बैठे हैं। ईमानदारी से काम करने वाले व्यवसायी अपना कारोबार बंद करके दूसरे ट्रेड की तलाश में जुटे हैं। केंद्र सरकार ने ड्यूटी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दी है। उपर से 3 प्रतिशत जीएसटी की भी मार पड़़ी हैं । हालत यह हो गयी है कि सोना एवं चांदी MCX से भी नीचे बिक रहा है। यदि आप इस पर गौर करें तो  लेने की बात करते हैं तो एक किग्रा चांदी पर दो-ढाई हजार रुपये का अंतर दिखाई देता हैं । इसी तरह 10 ग्राम सोने पर भी करीब-करीब इतना ही अंतर देखा जा रहा हैैं। यही वजह हैं कि बाजार में दो नंबर में सोना-चांदी धड़ाधङ बिक रहां हैं ।लेकिन जो रजिस्टर्ड कारोबारी हैं, यह उनके किसी काम का नहीं है। दो नंबर में सोना ले नहीं सकते हैं, और नंबर एक में लेकर ज्वेलरी बनाकर बेचने में उन्हें कोई फायदा नहीं हो रहा। आयात करीब करीब ठप्प हो गई हैं । इस समय सोने-चांदी की आयात एकदम सूस्त है। सवाल उठता है कि तो फिर बाजार में इतना सोना-चादी आ कहां से रहा हैं? तो जवाब में दिल्ली ...

मंदी के चलते दिल्ली के ज्वेलर्सो ने ज्वेलरी शो से पिछे हटाये कदम, शो के आयोजकों से वापस मांगे पैसे /रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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मुंबई,  रिपोर्ट स्पर्श देसाई,  कल दिनांक 26 जुलाई को UBM के अधिकारियों साथ  UBM एक्सबिशन में हिस्सा लेने वाले कूंचा महाजनी, दिल्ली के 23 ज्वेलर्स एक्सबिटर्स के बीच एक मीटिंग हुई । इस मिटींग में सभी ज्वेलर्सो ने एक मत होकर बताया कि इस मंदी की मौसम में बाजार की हालात चिंताजनक हैं, व्यापार में अत्याधिक गिरावट होने के कारण खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है, ऐसे में एक्सबिशन करके वो ज्यादा परेशानी मोल नही लेना चाहते। सभी ज्वेलर्सो ने UBM के अधिकारियों से अपने एडवांस पेमेंट वापस किये जाने की बात कही तो UBM के पदाधिकारियों ने कहा है कि हमारे शो में एडवांस वापसी की पॉलिसी नहीं है ,फिर भी उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में पूरा प्रयास करेंगे कि इस शो में हिस्सा लेने वाले सभी के पैसे वापस मिल जाए।    एक्सबिशन में हिस्सा न लेने वाले ज्वेलर्स के नाम निम्न लिखित है। इसके अलावा कुछ और दुकानदार भाइयों ने भी एक्सबिशन में हिस्सा न लेने की बात भी की थी किंतु वे लोग तय नहीं कर पाये कि शो में हिस्सा ले या नहीं ? इसलिए उनका नाम यहां दी गई लिस्ट में उन लोगों का नाम शामिल न...

इस साल की पहली छमाही के जून महीने में सोने की मांग 14 प्रश बढ़ी मगर दूसरी छमाही में यह मांग गिरने की संभावना:GFMS /रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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मुंबई,/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई लंदन की सोना-चांदी का विश्र्लेषण करने वाली जी एस एम एस ने इस साल के गोल्ड़ सर्वे रिव्यू एंड आउट लूक रिपोर्ट में यह बताया हैं कि इस साल की पहली छमाही में जून महीने में ज्वेलरी की मांग 14 प्रश सालाना धोरण से बढ़ी थी । यह मांग शादियों की मौसम और अक्षय तृतीया जैसे त्यौहार के मद्देनजर बढ़ी थी । जून की तिमाही में  सोने की ज्वेलरी की मांग 16 प्रश वृद्धि पाकर 168 टन हुई थी,जबकी निवेश लक्षी मांग 10 प्रश बढ़कर 44 टन तक होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई हैं । जून महीने में सोने के खरीदारों ने सोने में दाम में वृद्धि की संभावना को देखते हुए पहले से ही खरीदारी करली थी और अपने शुभ प्रसंगो शोभायमान किया था । इस साल की पहली छमाही साल 2015 की पहली छमाही के बाद उत्कृष्ट रहा था । सूचित वक़्त के दौरान कूल मांग 371 टन की रही थी । जिसके तहत ज्वेलरी की 289 टन और निवेश लक्षी मांग 82 टन रही थी । अनघिकृत सोने की आयात इस साल के तिसरे महीने मार्च की तिमाही में गौरतलब तरीके से गिरकर सिर्फ 15 टन की रही थी । उसी तरह जून महीने की तिमाही में सिर्फ 20 प्रश यह मांग रही थी । इस महत्वपूर्ण...

चंदन एजेंसी ने प्रस्तुत किया एन्टिक ज्वेलरी पर अनोखा "फ्लौरा" नामक ज्वेलरी केटलोग/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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  मुंबई, रिपोर्ट स्पर्श देसाई  CA Publication ने प्रस्तुत किया “कलआज कल” थीम पर एन्टिक ज्वेलरी का आगामी ज्वेलरी शो के लिए ज्वेलरी का “फ्लौरा”नामक कैटलोग ।  सदियों से भारतीय परंपरा में ज़जबाती तौर पर आभूषण महिलाओं से जुड़े हैं । प्रत्येक आभूषण महिलाओं की खूबसूरती को चार चांद लगाता हैं । इन आभूषणों का परिधान करने से महिलाएं निखर जाती हैं ।ऐसी ही बाहरी परंपरा,जगह और उम्र को ध्यान में रखते हुए यूनिक ज्वेलरी सौंदर्य के लिए हमेशा प्रभावी रही हैं । क्योंकि यूनिक ज्वेलरी हमेशा यूनिक रहने से महिलाएं ऐसी ही ज्वेलरी की ओर आकर्षित होती हैं ।मुंबई की जानी-मानी ज्वेलरी कंपनी ‘यूनिक ज्वेलरी कंपनी’ इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए अपनी यूनिक ज्वेलरी का निर्माण करती हैं । यूनिक ज्वेलरी कंपनी हर ज़जबाती पलों को हसीन बनाने के लिए इस नई ईक्विसवीं सदी की आधूनिक महिलाओं के लिए ब्रिजी और चीयरफूल ज्वेलरी का कलेक्शन लेकर इन्ही दिनों में आये हैं । नये अंदाज में यह कंपनी यूनिक ने ‘कलआज और कल’ थीम पर आभूषणों की जो रेंज़ हैं, उसे लेकर सीए पब्लीकैशन ( चंदन एजेंसी) ने एक रंगीन ‘फ्लौरा’ नामक अधतन और आकर्षक ...