विदेशी बाजार खुले: हीरा उद्योग चमका,साल 24 की चमक, क्रिसमस की छुट्टियां खत्म होते ही बाजार में हलचल*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

*विदेशी बाजार खुले: हीरा उद्योग चमका,साल 24 की चमक,
क्रिसमस की छुट्टियां खत्म होते ही बाजार में हलचल*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई



【मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】दिवाली के बाद से मंदी का सामना कर रहे हीरा उद्योग में किसमस वेकेशन के खत्म होते-होते हलचल देखने को मिल रही है। अमरिका समेत विदेशी बाजार खुलने से सूरत के हीरा उद्योग में खरीदारी करने वाले कारोबारियों को अच्छा कारोबार मिलने की उम्मीद है । मालूम हो कि प्राकृतिक पॉलिश वाले हीरों की बिक्री पिछले हफ्तों से शुरू हो गई है । सूरत कटे और पॉलिश किये गये हीरों का केंद्र है। लगभग 90 प्रतिशत तैयार हीरे सूरत में ही बनते हैं लेकिन यह हीरा उद्योग लंबे समय से मंदी का सामना कर रहा है । ऐसे में उद्योगपतियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिसंबर के अंत में हीरा व्यापार ठंडा रहा क्योंकि थोक विक्रेताओं ने क्रिसमस और नए साल के बीच छुट्टियां ले लीं थी।

 साल 2022 की तुलना में यह साल हीरे के आभूषण बाजार के लिए भी कमजोर रहा था हालांकि अब अमेरिका समेत कई देशों में छुट्टियां खत्म होने और बाजार खुलने के साथ ही बिक्री शुरू हो गई है। जिसकी हलचल सूरत के हीरा उद्योग में भी देखने को मिल रही है । सूरत डायमंड एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश खूंट ने कहा कि प्राकृतिक पॉलिश वाले हीरों की बिक्री पिछले सप्ताह से शुरू हो गई है । जिनका माल तैयार है,वह निकलना शुरू हो गया है। दिवाली के मुकाबले नए साल की शुरुआत में ही इंडस्ट्री में अच्छी हलचल दिख रही है ।

दौरान घरेलू बाजार में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई हैं।
पहले यह हीरा उद्योग निर्यात पर निर्भर था हालांकि पिछले चार-पांच साल से घरेलू बाजार में भी हीरे के आभूषणों की अच्छी मांग रही है। घरेलू बाज़ार जो पहले केवल 8 प्रतिशत था । पिछले चार-पांच वर्षों में बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। शहर में खुल रहे हीरे के आभूषणों के नए शोरूम इसकी तस्दीक करते हैं । यह  दावा किया गया है कि डायमंड में अब तक जो माल पेंडिंग था, वह भी निकलना शुरू हो गया है ।


ज्वेलरी शो में सूरत के उद्योगपतियों का दबदबा: मुंबई में 105 स्टॉल थे। जीजेईपीसी द्वारा मुंबई में 4 से 7 जनवरी और 5 से 8 जनवरी तक दो स्थानों पर इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो आईआईजेएस सिग्नेचर-2024 का आयोजन किया गया था। जिसमें सूरत में 105 के साथ गुजरात में 233 स्टाल्स मिले थे। देशभर से करीब 1540 स्टॉल खोले गए थे। मुंबई में जियो वर्ल्ड कन्वेंशन बान्द्रा बीकेसी मे इसका आयोजन हुआ था। 4 जनवरी से 7 जनवरी तक चलने वाले ज्वेलरी शो में सूरत के व्यापारियों के 500 से ज्यादा स्टॉल थे। जिसमें सिल्वर ज्वेलरी सेक्शन, टॉप डिजाइनर ज्वेलरी, नेचुरल और लैबग्रोन डायमंड सेक्शन रखे गए थे। देश के शीर्ष निर्माता, थोक विक्रेता यहां मौजूद रहे थे। 5 जनवरी से 8 जनवरी IIJS सिग्नेचर-2024 का आयोजन मुंबई में किया गया था। इस बीच गोरेगांव में मुंबई प्रदर्शनी केंद्र नेस्को में आयोजित होने वाले आभूषण शो में सोने के आभूषण,हीरे के आभूषण,मशीनरी (रत्न और आभूषण) और उपकरणों के स्टॉल थे। इन दोनों शो में करीब 1540 कंपनियों ने हिस्सा लिया था । गुजरात से 233 स्टॉल थे। इनमें सूरत से 105,अहमदाबाद से 73,राजकोट से 49, जूनागढ़ से 4 थे। इसमें वापी में 2,भावनगर,सुरेंद्रनगर और वडोदरा में 1-1 स्टॉल शामिल थे। 

गौरतलब है कि इस ज्वेलरी शो में हर साल देश-विदेश से 20 हजार से ज्यादा दर्शक आते हैं और अच्छे ऑर्डर भी मिलते हैं। ऐसे में मंदी की मार झेल रहे हीरा उद्योग को नए साल की शुरुआत में होने वाले इस ज्वेलरी शो से कारोबार को लेकर काफी उम्मीदें हैं ।【Photo Courtesy Google】

★ब्यूरो रिपोर्ट स्पर्श देसाई•√•Gold Dust •News Channel•#सूरत# हीराबाजार#आईआईजेएस#ज्वैलरी शो

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