*दिल्ली ज्वैलरी एंड जेम फेयर (डीजेजीएफ)" का 10 वां संस्करण प्रगति मैदान में संपन्न हुआ*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
*दिल्ली ज्वैलरी एंड जेम फेयर (डीजेजीएफ)" का 10 वां संस्करण प्रगति मैदान में संपन्न हुआ*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई
【मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】उत्तर भारत के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय आभूषण व्यापार शो "दिल्ली ज्वैलरी एंड जेम फेयर याने डीजेजीएफ" का 10 वां संस्करण प्रगति मैदान में संपन्न हुआ। 10 से 12 सितंबर तक आयोजित इस मेले में देश भर से 300 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया। तीन दिन में 20 से 25 हजार मुलाकातियों ने मुलाकात ली थी। इस त्यौहारी सीजन की शुरुआत में ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर्स, ज्वैलरी डिजाइनर और ज्वैलरी ट्रेडर्स ने ज्वैलरी और जेम फेयर में हिस्सा लिया था।
यहां एक ही जगह पर अलग-अलग डिजाइन देखने को मिले थे। देश भर से आभूषण निर्माता और कारीगर प्रगति मैदान पहुंचे थे। इस मेले में इस बार मंदिर के आभूषण विशेष आकर्षण का केंद्र रहे थे। यह एक मंदिर की तरह है। डिजाइन कंप्यूटर द्वारा बनाया जाता है। ये देखने में खूबसूरत है । शो की मुलाकात लेने वालों
को टेपर ज्वैलरी के नए डिजाइनों की तस्वीरें लेते भी देखा गया। अब आप कपड़ों के रंगों से मैच करते हुए ज्वैलरी भी बना सकती हैं। सोने के गहनों में रंगीन मोती जड़े जा सकते हैं। नाम लिखने की मशीनें आ गई हैं। कई स्टालों पर कारीगर बैठे थे। वे तुरंत आभूषण तैयार कर ग्राहकों को दिखा रहे थे। बिजनेस टू बिजनेस से एग्जीबिशन में भी विनिर्माताओं को ऑर्डर मिल रहे थे।
मेले में कुंदन और रजवाड़ा संस्कृति के आभूषण भी देखने को मिले थे। प्रत्येक स्टॉल ने अपने आभूषण प्रदर्शित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। मेले में कई मॉडल भी मौजूद थीं । जिन्होंने बेशकीमती ज्वैलरी पहनी हुई थी। इससे मुलाकातियों के लिए यह समझना आसान हो गया कि महिलाओं पर कौन से आभूषण दिखाई देंगे? इस मेले में फिल्म अभिनेत्री राईमा सेन ने मुलाकात ली थी, वह यहां प्रदर्शित की गई ज्वैलरी की डिजाईनों से प्रभावित हुई थी । इस बार मेले में भी कोरोना का खौफ नहीं दिखा। सभी एक-दूसरे से प्री-कोविड पीरियड की तरह मिल रहे थे।
दिल्ली के इस जानेमाने ज्वैलरी शो डीजेजीएफ के 10वें संस्करण के बारे में जानकारी देते हुए इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश मुद्रास ने एक पत्रकार परिषद में कहा था इंडियन जेम्स और ज्वैलरी क्षेत्र में 3,00,000 से अधिक जौहरी हैं ।जो बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। ग्लोबल ज्वेलरी कंजम्पशन में लगभग 29% का योगदान देने और नेशनल इकॉनमी में अग्रणी हिस्सेदार होने के नाते, रत्न और आभूषण क्षेत्र को महत्वपूर्ण सुधारों और समर्थन की आवश्यकता है। सा.।【Photo Courtesy Google】
★ब्यूरो रिपोर्ट : स्पर्श देसाई√•Gold Dust •News Channel•#ज्वैलरी शो




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