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*महाराष्ट्र में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का कहर जारी, अगले 48 घंटे और सख्त होंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*महाराष्ट्र में हाड़ कंपा देने वाली ठंड का कहर जारी, अगले 48 घंटे और सख्त होंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई】महाराष्ट्र के लोगों को इस साल की सबसे तीखी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य पर उत्तरी हवाओं के साथ-साथ आर्कटिक से आ रही ठंडी लहरों का प्रभाव है। जिसने मुंबई समेत पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है। हवामान विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान ठंड और बढ़ने की संभावना है। प्रमुख शहरों का हाल देखे तो सबसे पहले पुणे शहर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया हैं। जो इस मौसम में अब तक का सबसे कम तापमान है। खासकर सुबह के समय कोहरे ने दृश्यता प्रभावित की। नासिक के लिए यहां भी तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। जिससे कृषि क्षेत्र पर पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई है। अब मुंबई उत्तरी हवाओं के कारण शहर और उपनगरों में सुबह-शाम की ठंड काफी बढ़ गई है।  विरार और भायंदर जैसे उपनगरीय इलाकों में न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया हैं। मुंबई के बाद नागपुर का हाल देखें तो यहां भी न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है और ...

*IIJS इंडिया – सिग्नेचर 2026 मुंबई में शुरू हुआ: ग्लोबल ज्वेलरी कैलेंडर की ज़बरदस्त शुरुआत हुई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*IIJS इंडिया – सिग्नेचर 2026 मुंबई में शुरू हुआ: ग्लोबल ज्वेलरी कैलेंडर की ज़बरदस्त शुरुआत हुई*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई / रिपोर्ट स्पर्श देसाई】अगले तीन महीनों में ₹75,000 करोड़ के ऑर्डर मिलने की उम्मीद हैं। ज्वेलरी इंडस्ट्री ने साल 2047 तक $100 बिलियन के एक्सपोर्ट टारगेट के साथ ‘डेवलप्ड इंडिया’ की ओर कदम बढ़ाए। भारत ने आज एक बार फिर ग्लोबल जेम्स और ज्वेलरी ट्रेड के हब के तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली है। IIJS इंडिया सिग्नेचर 2026 के 18वें एडिशन का उद्घाटन जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) ने मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर (JWCC) में किया। इसके साथ ही साल 2026 के लिए ग्लोबल ज्वेलरी बिज़नेस कैलेंडर ऑफिशियली शुरू हो गया है। यह एग्ज़िबिशन जिसे साल का पहला और सबसे असरदार B2B ट्रेड फ़ेयर कहा जा रहा है। जो पूरी ग्लोबल वैल्यू चेन को एक साथ लाता है। यह वह समय है जब आने वाले साल के लिए मार्केट की सोच और बिज़नेस की दिशा तय होती है। यह एग्ज़िबिशन मुंबई की दो खास जगहों पर जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर दिनांक 8 से 11 जनवरी तक और बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर,NESCO दिनांक 9 से 12 जनवरी ...

*सोने के दामों में हालिया जबरदस्त उछाल के पीछे एक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*सोने के दामों में हालिया जबरदस्त उछाल के पीछे एक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार*/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई  【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】सोने के दामों में हालिया जबरदस्त उछाल के पीछे एक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। यह किसी एक घटना का नहीं बल्कि कई घटनाओं के एक साथ होने का नतीजा है। यहाँ मुख्य कारणों को विस्तार से समझाया गया है। सबसे पहले वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित पनाहगाह Safe Haven की मांग । सोने को आर्थिक उथल-पुथल के समय में सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। ब्याज दरों में बदलाव की आशंका भी वजह हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) और अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना ने सोने को आकर्षक बनाया है। जब ब्याज दरें कम होती हैं तो बांड जैसे फिक्स्ड-इनकम वाले निवेश पर रिटर्न कम मिलता है । जिससे सोना (जो कोई डिविडेंड नहीं देता लेकिन कीमत में बढ़त देता है) अधिक आकर्षक लगने लगता है। मंदी की भी आशंका होती हैं । कई अर्थशास्त्री अभी भी वैश्विक मंदी की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में निवेशक अपना पैसा सुरक्षित जगहों पर लगाना पसंद करते ह...

*सोने की विजय: कैसे संपत्ति के सम्राट ने अमेरिकी राजकोष को गद्दी से उतार दिया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*सोने की विजय: कैसे संपत्ति के सम्राट ने अमेरिकी राजकोष को गद्दी से उतार दिया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】केंद्रीय बैंक अमेरिकी राजकोष और यूरो की तुलना में सोने को तरजीह दे रहे हैं। बुलियन अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। जो वैश्विक वित्तीय शक्ति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई हैं। जिसका श्रेय केंद्रीय बैंकों द्वारा यूरो और अमेरिकी राजकोष से दूर जाने को दिया जा रहा है। सोना एक सम्राट की तरह आगे बढ़ रहा है। वित्तीय जगत कई दशकों के बाद सोने के प्रभुत्व के पूरे प्रकोप का गवाह बन रहा है। संपत्ति के सम्राट सोने के लिए तेजी का दौर साल 2022 के अंत में शुरू हुआ और तब से यूरो और अमेरिकी राजकोष को ध्वस्त कर दिया है। कैसे? केंद्रीय बैंकों के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 20% है । जो यूरो होल्डिंग्स के 16% से अधिक है। डॉलर होल्डिंग्स 46% पर बनी हुई है। जो उच्चतम है लेकिन लगातार घट रही है। यूरो के बाद सोने ने अमेरिकी राजकोषों पर बेहतर प्रदर्शन किया है। साल 1996 के बाद पहली बार वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सो...

*अलास्का पर शुरुआती बातचीत सफल रही तो ट्रंप पुतिन और ज़ेलेंस्की से मुलाकात की पेशकश करेंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*अलास्का पर शुरुआती बातचीत सफल रही तो ट्रंप पुतिन और ज़ेलेंस्की से मुलाकात की पेशकश करेंगे*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/रिपोर्ट स्पर्श देसाई】अलास्का पर शुरुआती बातचीत सफल रही तो ट्रंप पुतिन और ज़ेलेंस्की से मुलाकात की पेशकश कर रहे हैं। अलास्का पर शुरुआती बातचीत सफल रही तो ट्रंप पुतिन और ज़ेलेंस्की से मुलाकात की पेशकश कर रहे हैं। ट्रंप ने दूसरी मुलाकात के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई। वह 15 अगस्त शुक्रवार को अलास्का के एंकोरेज में पुतिन से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर पुतिन युद्ध रोकने के लिए सहमत नहीं होते हैं तो रूस को इसके परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी मुलाकात सफल रही तो वह पुतिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और खुद के साथ एक त्वरित दूसरी मुलाकात करना चाहेंगे अगर पहली मुलाकात ठीक रही तो हम जल्दी से दूसरी मुलाकात करेंगे । ऐसा ट्रंप ने पत्रकारों से कहा। मैं इसे लगभग तुरंत करना चाहूँगा और अगर वे मुझे वहाँ बुलाना चाहें तो राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और मेरे बीच ...

*भारतीय हीरा उद्योग पर टैरिफ का गहरा असर,मांग में भारी गिरावट,लाखों कर्मचारियों ने छोड़ा काम*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*भारतीय हीरा उद्योग पर टैरिफ का गहरा असर,मांग में भारी गिरावट,लाखों कर्मचारियों ने छोड़ा काम*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) के कारण भारत का हीरा उद्योग गंभीर संकट में फंस गया है। इसकी वजह से हीरों की मांग आधे से अधिक गिर गई है। जिसके चलते सूरत और मुंबई जैसे प्रमुख केंद्रों में लगभग 1 लाख कर्मचारियों ने इस उद्योग को छोड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय के अनुसार भारत से आयात होने वाले हीरों पर शुल्क 50% तक बढ़ा दिया गया है । जो 27 अगस्त 2025 से लागू होगा। इसके कारण भारत से अमेरिका को होने वाले हीरा निर्यात में भारी गिरावट आने की आशंका है। पिछले वर्षों ( 2022-2024 ) में इस क्षेत्र का औसत वार्षिक निर्यात 2968.48 मिलियन डॉलर था । जो इस साल घटकर लगभग 1494.11 मिलियन डॉलर रह सकता है। पहले इन उत्पादों पर 0% से 13.5% तक ही शुल्क लगता था लेकिन अगस्त की शुरुआत में इसे पहले 25% और अब 50% कर दिया गया है। इससे उद्योग में मंदी आ गई है । जिसके कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। अनुमान ह...

*Gold...सोने के व्यापार में उथल-पुथल के बीच कमोडिटी- समर्थित क्रिप्टोकरेंसी ने 5 साल का रिकॉर्ड बनाया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई

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*Gold...सोने के व्यापार में उथल-पुथल के बीच कमोडिटी- समर्थित क्रिप्टोकरेंसी ने 5 साल का रिकॉर्ड बनाया*/रिपोर्ट स्पर्श देसाई 【मुंबई/ रिपोर्ट स्पर्श देसाई】कमोडिटी-समर्थित क्रिप्टोकरेंसी जिनमें सोने से समर्थित टोकन का बोलबाला है । उसके जारी होने की संख्या में इस हफ़्ते ऐतिहासिक उछाल आया है और खनन की मात्रा कम से कम पाँच सालों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है। यह उछाल इस हफ़्ते सोने के वायदा भाव के 3,500 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर से ऊपर कारोबार करने के बाद आया है । जब स्विस प्रेशियस मेटल्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि स्विट्जरलैंड पर अमेरिका के 39% टैरिफ का भौतिक सोने के अंतर्राष्ट्रीय प्रवाह पर "नकारात्मक प्रभाव" पड़ सकता है।  शुरुआती उछाल के बाद जब व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने एक चैनल को बताया कि राष्ट्रपति एक नीति पेश करेंगे जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि सोने की छड़ों के आयात पर टैरिफ नहीं लगाया जाना चाहिए तो सोने के हाजिर और वायदा भाव दोनों में गिरावट आई। सोने में निवेश करें। सोने के व्यापार में उथल-पुथल के बीच कमोडिटी- समर्थित क्रिप्टोकरेंसी (जैसे गोल्ड-बैक्ड स्टेबलकॉइन) ...